तिरंगा हूँ मैं Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - January 26, 2016 इस गरिमामयी धरा का अभिमान हूँ मैं आपकी राष्ट्रीयता का पहचान हूँ मैं न जाने कितने रंगों से रंगा हूँ मैं जी हाँ! ठीक सोचते हैं आप, 'तिरंगा हूँ मैं' Read Full Post »
चांद के दीदार Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - January 05, 2016 तुमसे न मिला था कुछ अधूरा सा था मैं अब पूरा हुआ हूँ था थोड़ा सा पागल जो अब पूरा हुआ हूँ नहीं पता है, क्या हुआ है हूँ कौन मैं, भूला हुआ हूँ Read Full Post »
मुंबई के हर ज़ख्मों का हिसाब मांगता हूँ Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - November 26, 2015 भारत का ऐक्य जिनको रास नहीं आता सौहार्द-संस्कृति का संस्कार जिनको नहीं भाता जो एक मुँह के भीतर कई चेहरे छिपाए बैठे हैं जो मानवता की अस्मिता पर घात लगाए बैठे हैं इंसानियत को लहुलुहान करना जिनका कारोबार है उन भेड़ियों की मौत ही अब एकमात्र समाधान है Read Full Post »
शमशान बहुत बड़ा है Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - September 01, 2015 श्मशान बहुत बड़ा है, भरा पड़ा है शवों से, भाग रहे सब भीड़ में, भिड़कर शव हो रहे। इतनी शाँति है, कि मन होने लगा अशांत, कि श्मशान इतना बड़ा क्यों है? Read Full Post »
आ गया अगस्त Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - August 14, 2015 उमड़ रहे जज़्बात फिर... आ गया अगस्त है, जश्न-ए-आज़ादी मनाने बेताब हर शख्श है। हर ज़हन वतनपरस्ती, हर ज़बाँ में हिंद, गली गली गूंजने लगे देशभक्ति के गीत। Read Full Post »